जयपुर न्यूज डेस्क: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जयपुर के सिविल लाइंस रेलवे ओवरब्रिज (ROB) प्रोजेक्ट में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विकास की रफ्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री आवास से महज 100 मीटर दूर यह हाल है, तो पूरे राजस्थान की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गहलोत ने बताया कि सिविल लाइंस ROB की शुरुआत 2021 में उनकी सरकार के दौरान की गई थी, ताकि इलाके में लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके। लेकिन 2026 तक भी यह प्रोजेक्ट अधूरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की सुस्ती और राजनीतिक द्वेष के कारण यह प्रोजेक्ट अब हादसों का कारण बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस फ्लाईओवर का मकसद जैकब रोड को जमनालाल बजाज मार्ग से जोड़ना और भारी ट्रैफिक को कम करना था। रोजाना 20 हजार से ज्यादा दोपहिया वाहन इस रेलवे क्रॉसिंग से गुजरते हैं, जिससे लंबा जाम और परेशानी होती है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट बेहद जरूरी था, लेकिन अब तक पूरा न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गहलोत ने सवाल उठाया कि क्या जनता की सुविधा से ज्यादा राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है? उन्होंने कहा कि लगातार हो रही देरी से न सिर्फ लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकार की कार्यशैली और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत की ‘इंतजार शास्त्र’ श्रृंखला को ‘झूठ शास्त्र’ बताते हुए पलटवार किया और कांग्रेस कार्यकाल के घोटालों का जिक्र किया।